Saturday, 16 September 2023

बेटियां

 चहक महक से भरतीं घर को, हैं खुशियों का त्योहार

बेटियां ईश्वर का उपहार, बेटियां ईश्वर का उपहार


उनके चरणों में स्वर्ग, धरा पर मात - पिता का सर्ग

मुस्कान भी ऐसे जैसे, बनकर आईं पालनहार

बेटियां ईश्वर का उपहार, बेटियां ईश्वर का उपहार


आंखों में संसार, कि जैसे नहीं कोई उस पार

एक बार जो देखें प्यार से, हो कष्टों का संहार

बेटियां ईश्वर का उपहार, बेटियां ईश्वर का उपहार


उंगली की पहली पकड़न वो, जैसे मां से एकाकार 

हाथ फिरें जब माथे पर तो लगें वे तारणहार

बेटियां ईश्वर का उपहार, बेटियां ईश्वर का उपहार